मथुरा। जिला कारागार में एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली और एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध यह बंदी लंबे समय से जमानत न मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना बीती रात करीब 2 बजे की है। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि मृतक की पहचान 57 वर्षीय सुरेश पुत्र मोहन सिंह निवासी महरौली थाना गोवर्धन का निवासी के रूप में हुई और मई 2025 में जिला जेल की बैरक नंबर दो में बंद था। देर रात सुरेश शौचालय गया। लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। लगभग 10 मिनट बाद पहरा दे रहे सिपाहियों को संदेह हुआ और अंदर जाकर देखने पर सुरेश अपने लोअर को गेट की कुंडी में बांधकर फंदा बनाकर फांसी लगा चुका था। जेलकर्मियों ने तुरंत उसे नीचे उतरा और जेल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुरेश जमानत न मिलने के कारण मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों ने उसकी जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। लेकिन 24 मार्च को भी उसका मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका था। घटना से पहले उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत कर नाराजगी जताई थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्यवाही की जा रही है।
रिपोर्ट नन्द शर्मा 151170853
