बचपन में माँ, जवानी में महात्मा और हर क्षण परमात्मा का साथ हो तो सुधर जाता है जीवन: पं. बृज किशोर नागर
नानपुर (आलीराजपुर)।
नगर के प्राचीन माँ कालिका मंदिर में नवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास पं. श्री बृज किशोर जी नागर ने जीवन में माँ, गुरु और ईश्वर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को भावविभोर कर दिया।
कथा में
पंडित जी ने जीवन दर्शन समझाते हुए कहा कि यदि बचपन में माँ का संस्कार, जवानी में महात्मा (गुरु) का मार्गदर्शन और जीवन के हर क्षण में परमात्मा का सान्निध्य मिल जाए, तो मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है।
कथा के प्रसंगों की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि
भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के निस्वार्थ प्रेम और मनोरथ को पूर्ण करने के लिए महारास रचाया था।
अधर्म का अंत करते हुए कंस वध के प्रसंग के साथ बताया कि कैसे भगवान अधर्म का विनाश करते हैं।
विजय गाथा के रूप में जरासंध को 17 बार युद्ध में परास्त करना और द्वारिका नगरी के अलौकिक निर्माण की कथा सुनाई।
रुक्मिणी-कृष्ण विवाह के प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा की और मधुर संगीतमय भजनों पर जमकर नृत्य भी किया।
मंदिर समिति के सदस्य पं. कमलेश नागर,पं.अंतिम त्रिवेदी व राकेश राठौड़ ने मंच से आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष अनुसार विशाल कन्या पूजन/भोज सभी के सहयोग से पूर्ण हुआ, साथ ही माँ कालिका मंदिर के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई औऱ सभी से तन-मन-धन से सहयोग की अपील की।
आयोजन पधारे जोबट, खट्टाली, आलीराजपुर, निवाली और कुक्षी सहित आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जिनका समिति के घनश्याम माली ,राहुल माली गजानंद माली राहुल सुरेशचन्द्र वाणी , कैलाश राठौड़ एवं कैलाश वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में यजमान परिवार (रामाश्रय परिवार) व मोहित राठौड़ एवं चिंटू माली ने सभी भक्तों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
फास्ट न्यूज इंडिया
पायल बघेल डिस्टिक इंचार्ज आलीराजपुर
