फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। ग्रीष्म ऋतु की तैयारी के तहत जनपद प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल एवं जनसुविधाओं की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी गांव और शहरों में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित हो। जिला पंचायत राज अधिकारी और नगर पालिका परिषद बेल्हा के अधिशासी अधिकारी को सात दिनों के भीतर खराब पड़े हैंडपंपों की सूची तैयार कर मरम्मत व रिबोरिंग कराई जाए। सरकारी कार्यालयों में प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही पशु-पक्षियों के लिए तालाब, पोखर और घड़ों में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। हीटवेव से बचाव के लिए अमृत सरोवरों को नहरों और सरकारी नलकूपों से भरवाने, सार्वजनिक स्थलों पर वाटर एटीएम और वाटर कूलर चालू रखने के निर्देश दिए गए। जिन ग्राम पंचायतों में तालाब नहीं हैं, वहां सड़क किनारे गड्ढों में पानी भरवाने की व्यवस्था की जाएगी। निराश्रित गौशालाओं में पेयजल की सुगमता सुनिश्चित करने और तालाबों व पानी की टंकियों की सफाई सप्ताह में कम से कम दो बार कराने का निर्देश दिया गया। अधिशासी अभियंता जल निगम को जल जीवन मिशन और पूर्व से संचालित परियोजनाओं को सात दिनों में क्रियाशील कर आमजन को पेयजल की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही क्लोरीनेशन और वाटर टेस्टिंग की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी/उपायुक्त श्रम रोजगार , जिला पंचायत राज अधिकारी , उप कृषि निदेशक , मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और अधिशासी अभियंता जल निगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि ग्रीष्म ऋतु में आमजन और पशु-पक्षियों के लिए जल की उपलब्धता, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी कार्यों की निरंतर निगरानी की जाएगी।रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
