आगरा । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, माननीय अमित कुमार यादव महोदय ने बहुचर्चित दहेज मृत्यु प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपित सत्येन्द्र सिंह (33 वर्ष) एवं श्रीमती अनीता उर्फ सुनीता (58 वर्ष) को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविन्द कुमार पुष्कर ने मामले की गंभीरता से पैरवी की।
उनके अनुसार, माननीय न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देते हुए आरोपियों को राहत प्रदान की। इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य के महत्व और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह फैसला सत्र परीक्षण संख्या-41/2019 एवं संबंधित वादों में सुनाया गया, जिसमें भारतीय दण्ड संहिता की धारा 498ए, 304बी तथा वैकल्पिक धारा 302 के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप लगाए गए थे। मामला थाना जगदीशपुरा, आगरा के अंतर्गत दर्ज मुकदमा अपराध संख्या-1052/2018 से संबंधित था। न्यायालय ने साक्ष्यों और प्रस्तुत तथ्यों का गहन परीक्षण करने के उपरांत पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका, जिसके चलते दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा 151170853
