बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज माफिया का जाल फिर तेजी से फैल रहा है। पिछले 12 दिन में मेडिकल चौकी पुलिस ने अलग-अलग निजी अस्पतालों की चार एंबुलेंस सीज की हैं। मंगलवार की सुबह बीआरडी परिसर में खड़ी एक निजी एंबुलेंस को भी पुलिस ने पकड़ लिया। चालक पुलिस को देखते ही गाड़ी छोड़कर भाग गया। पकड़ी गई एंबुलेंस का पंजीकरण जेल बाईपास रोड स्थित आरुही हॉस्पिटल के नाम पर है।
मंगलवार की सुबह बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर में एक निजी एंबुलेंस संदिग्ध अवस्था में खड़ी पाई गई। एंबुलेंस चालक पुलिस को देखते ही गाड़ी छोड़कर भाग गया। इस पर गुलरिहा पुलिस एंबुलेंस को थाने ले आई और उसे सीज कर दिया।
एक दिन पहले सोमवार को भी पुलिस गश्त के दौरान बीआरडी परिसर में एक संदिग्ध एंबुलेंस मिली। चालक से एंबुलेंस के पंजीकरण से संबंधित कागजात मांगे गए लेकिन वह नहीं दिखा
सका। इस पर पुलिस ने हरसेवकपुर नंबर दो स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस को सीज कर दिया था।
मरीज को निजी अस्पताल ले जाते पकड़ा था
बिहार के गोपालगंज जिले के किशुनपुरा की रहने वाली निप्पू कुमारी पुत्री फूलायन गंभीर रूप से बीमार होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती थीं। 12 मार्च की दोपहर चिलुआताल क्षेत्र में स्थित मनोकामना अस्पताल के नाम से पंजीकृत एंबुलेंस से मरीज माफिया का बिचौलिया उन्हें अपने अस्पताल ले जा रहा था, जिसे गार्डों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मेडिकल चौकी पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि जिस अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने ले जाया जा रहा था, उसका नाम-पता तक मालूम नहीं था। एंबुलेंस को पुलिस ने सीज कर दिया था। इसी तरह 14 मार्च को बिहार की एक 14 वर्षीय किशोरी को गंभीर हालत में परिजन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने लाए थे। वहां मरीज माफिया के बिचौलिए, परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे। गार्ड की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो एंबुलेंस स्पोर्ट्स कॉलेज के पास स्थित वेदना मल्टी स्पेशियलटी अस्पताल के नाम से पंजीकृत मिली। एंबुलेंस को सीज कर दिया गया था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आसपास लगातार निगरानी की जा रही है। संदिग्ध एंबुलेंस को सीज कर आगे की कार्रवाई जारी है: रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
रिपोर्टर फूलमती मौर्य 151188511
