कबीर प्राकट्य स्थल, लहरतारा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयं सेविकाओं ने बिखेरी प्रतिभा
वाराणसी। राष्ट्रीय सेवा योजना, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कबीर प्राकट्य स्थल, लहरतारा में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन गुरुवार को स्वयं सेविकाओं ने पसियाना मलिन बस्ती, हरिजन बस्ती, नई बस्ती, बौलिया एवं मिसिरपुरा के विभिन्न परिवारों में जाकर के लैंगिक भेदभाव न करने के लिए प्रेरित किया की। इसके बाद आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि दर्शनशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की अध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र के विकास, समृद्धि और सशक्त समाज की नींव है। यह केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष और राजनीति जैसे हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही है। उन्होंने कहा कि नारी को अपनी शक्ति का सदुपयोग करना चाहिए। बौद्धिक सत्र का संचालन स्वयंसेविका सोनम राजभर एवं धन्यवाद ज्ञापन सुचिता ने दिया। दीक्षा पाल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, वैष्णवी ने रिपोर्ट पढ़ी। सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वयं सेविकाओं विभिन्न राज्यों के परिधानों पर फैशन शो किया। साथ ही सोलो डांस एवं नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। यह शिविर कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अनीता, डॉ. भारती कुरील, डॉ. अंजना वर्मा, डॉ. वीणा वादिनी एवं डॉ. एस एंजेला के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। शिविर में 250 स्वयं सेविकाओं ने प्रतिभाग किया।
