पीलीभीत में बुधवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। गुरुवार को जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव गांव पहुंचे, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कार चालक की गिरफ्तारी और मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मामला दियोरिया थाना क्षेत्र का है, जहां स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बनी रही।
सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक विवेक वर्मा और पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को सांत्वना दी और हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। विधायक ने एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडेय को निर्देश दिए कि मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। प्रशासन ने भी घायलों के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बिलसंडा क्षेत्र के ग्राम बबूरा निवासी लोग अमावस्या के अवसर पर ई-रिक्शा से इलाहाबास देवल गांव में लगने वाले मेले में जा रहे थे। जैसे ही ई-रिक्शा वीरसिंहपुर गांव के मोड़ के पास पहुंचा, सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए।
परिजनों ने हादसे की दर्दनाक आपबीती सुनाते हुए बताया कि परिवार के पांच लोग मेले में जा रहे थे। इस हादसे में रामवती की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं श्रीपाल ने बताया कि हादसे में उनकी पत्नी अन्नपूर्णा देवी और बेटे राहुल की भी मौत हो गई। उनका दूसरा बेटा अस्पताल में भर्ती है और बेटी के हाथ-पैर टूट गए हैं।
काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मृतकों का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी।
इस हादसे ने एक ही झटके में कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981

