रामानुज आश्रम एवं सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा नव वर्ष संध्या पर सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम
साहित्यकारों ने गाय माता पर कविताओं एवं भजनों के माध्यम से किया नव संवत्सर का स्वागत
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। रामानुज आश्रम एवं सर्वोदय सद्भावना संस्थान द्वारा सनातन नव वर्ष विक्रम संवत 2083 के आगमन की पूर्व संध्या पर एक भव्य सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम डॉ. संगम लाल त्रिपाठी "भंवर" की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।कार्यक्रम के मुख्य आयोजक धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने वेद मंत्रों के बीच नव वर्ष के पंचांग का पूजन अर्चन किया। उन्होंने कहा कि शास्त्र में वर्णित है "गावो विश्वस्य मातर:", अर्थात् गाय विश्व की माता है। उन्होंने साहित्यकारों से अनुरोध किया कि इस वर्ष प्रत्येक साहित्यकार गाय माता पर एक कविता अवश्य रचे। मुख्य अतिथि डॉ. श्याम शंकर शुक्ल ने कहा कि गाय हमारी माता है और हमें उसकी रक्षा के लिए संकल्पित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति की दृष्टि से गाय को भी जातियों में बांटा जा रहा है, इसलिए हमें प्रयास करना होगा कि गाय को राष्ट्र माता के रूप में स्वीकार किया जाए। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार राज नारायण शुक्ला "राजन" ने अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा, डॉक्टर शाहिदा, सुरेश पांडे संभव, गंगा पांडे, ओमप्रकाश पंछी, चांदनी दुबे, कल्पना तिवारी, दिव्या, कनक तिवारी ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। प्रतापगढ़ के उभरते संगीत कलाकार आशीष शर्मा उर्फ गोलू ने "राम आएंगे" सहित अनेक भजनों के माध्यम से नव वर्ष का स्वागत किया। धर्माचार्य एवं नारायणी रामानुज दासी ने कवियों और साहित्यकारों को तिलक, अंग वस्त्रम और नव वर्ष का पंचांग प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में देवेंद्र प्रकाश ओझा, डॉ. अवंतिका पांडे, डॉ. विवेक पांडेय, डॉ. अंकिता पांडे, आरविका पांडे उर्फ छोटेलाल सरकार, अजय कुमार उपाध्याय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन सुरेश नारायण दुबे एडवोकेट व्योम ने किया। इस आयोजन ने नव वर्ष 2083 के आगमन का उल्लास बढ़ाया और समाज में गाय माता की महत्ता के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
