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बानमोर में सांडों का आतंक, बाजार में मची भगदड़ — लोग जान बचाकर भागे
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सड़क पर ‘मौत बनकर’ घूम रहे सांड, सिंधिया मार्केट में तबाही
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सांडों की लड़ाई से दहला बाजार, दुकानों और वाहनों को भारी नुकसान
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आवारा पशुओं का कहर, बानमोर में हर दिन बन रहा खतरा
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50 लाख की गौशाला बेकार, सड़कों पर जानलेवा सांडों का कब्जा
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प्रशासन लापरवाह, बानमोर में सांडों का आतंक जारी
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बाजार में भिड़े सांड, मची अफरा-तफरी — जिम्मेदार कौन?
बानमोर कस्बे में आवारा पशु राहगीरों के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं। सड़क पर जब आवारा साड लड़ते हैं तो राहगीरों में भगदड मच जाती है ऐसा ही वाक्या रविवार की शाम 5:00 बजे सिंधिया मार्केट में देखने को मिला। जहां दो आवारा साड आपस में भिड गए लोगों में अपरा तफरी मच गई लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे इस मवेशियों को लड़ाई से कई दुकानदारों के काउंटर टूट गए वहीं दुकानौ पर सामान खरीद रहे लोगों की मोटरसाइकिलौ मैं टूट फूट हो गई । स्थानीय दुकानदारों ने बताया है कि बाजार में यह दृश्य कोई नई बात नहीं है यह अक्सर ऐसा होता रहता है आवारा पशु अब राह चलते लोगों और दुकानदारों के लिए बहुत बड़ी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं सड़क से गुजरने वाले बच्चों बुजुर्गों और महिलाऔ पर यह कभी भी हमला कर देते हैं अहम बात यह है कि नगर परिषद बानमोर के सीएमओ का सड़क पर मौत बनकर फिरने वाले इन आवारा मवेशियों पर कोई ध्यान नहीं है। उन्हें आमजन की समस्याऔ से कोई लेना नहीं है।
पवाया रोड स्थित दो बीघा शासकीय जमीन पर बनी आवारा पशुओं की गौशाला कागजों में सीमेंट कर रह गई है यहां बता दें कि नगर परिषद ने गौशाला के नाम पर 50 लाख रुपयो से अधिक की राशि खर्च कर दी है लेकिन फिर भी आवारा पशुओं की समस्या का निदान नहीं हो पाया है। गौशाला की बाउंड्री बाल तथा मेन गेट न होने से गौशाला शराबियों का अड्डा बनकर रह गई है नगर परिषद कर्मचारीयों द्वारा कई बरसों से आवारा पशुओं की धर पकड़ भी नहीं की है। इन आवारा पशुओं के कारण अभी तक एक दर्जन से अधिक महिलाएं तथा पुरुष अस्पताल पहुंच चुके हैं। सब्जी मंडी का तो यह आलम है कि आवारा पशुओं की झुंड के कारण लोग सब्जी मंडी में जाने से कतराने लगे हैं। क्योंकि पता नहीं कब आवारा पशु अपने नुकीले सीगौ से सब्जी खरीद रहे लोगों को नीचे पटक दें। देखे सपचौली से राम लखन की रिपोट
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