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प्रतापगढ़: जन्मजात क्लबफुट से जूझ रहे बच्चों को अनुष्का फाउंडेशन से नई जिंदगी
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जिला अस्पताल में मुफ्त क्लबफुट उपचार, 9 बच्चों को प्लास्टर और 25 को विशेष जूते मिले
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पोंसेटी पद्धति से बच्चों को मिलेगा बेहतर इलाज, विशेषज्ञों को दिया प्रशिक्षण
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क्लबफुट का समय पर इलाज, बच्चा जी सकता है सामान्य जीवन — प्रतापगढ़ में पहल
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कोटक एसेट मैनेजमेंट और यूपी सरकार के सहयोग से बच्चों के जीवन में बदलाव
यूपी प्रतापगढ़ से एक अच्छी खबर, जहां क्लबफुट जैसी जन्मजात बीमारी से जूझ रहे बच्चों को अब मिल रही है नई जिंदगी। अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से जिला अस्पताल में मुफ्त उपचार का आयोजन किया गया। प्रतापगढ़ जिला अस्पताल में अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लबफुट द्वारा सपोर्टिव सुपरविजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आर्थोपेडिक डॉक्टरों और तकनीशियनों को पोंसेटी पद्धति में प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बच्चों को बेहतर इलाज मिल सके। कार्यक्रम के दौरान 9 बच्चों को प्लास्टर लगाया गया, 2 बच्चों की टेनोटॉमी की गई और 25 बच्चों को विशेष क्लबफुट जूते वितरित किए गए। “क्लबफुट का सही समय पर इलाज हो जाए तो बच्चा पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकता है।” क्लबफुट एक जन्मजात विकृति है, जो हर 800 नवजात में से एक को प्रभावित करती है। उचित इलाज न मिलने पर यह आजीवन विकलांगता का कारण बन सकती है, लेकिन पोंसेटी विधि से इसका प्रभावी इलाज संभव है। यह कार्यक्रम कोटक एसेट मैनेजमेंट कंपनी के CSR सहयोग और उत्तर प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। प्रदेश के 45 जिलों में ऐसे क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह पहल न सिर्फ बच्चों के जीवन में बदलाव ला रही है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी काम कर रही है। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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