-
15 साल की परेशानी खत्म: दलित बस्ती में शुरू हुआ नाली निर्माण
-
ग्राम प्रधान की पहल से बदली तस्वीर, दलित बस्ती को मिली राहत
-
अब नहीं होगा जलभराव: फरसाटार में नाली निर्माण शुरू
-
विकास की नई मिसाल: प्रधान ने पूरी की बस्ती की सबसे बड़ी मांग
-
गड्ढों से नाली तक: 20 साल बाद बदली दलित बस्ती की हालत
-
जहां कभी था जलभराव, अब बन रही नाली—गांव में खुशी की लहर
-
डेढ़ साल में बड़ा काम: प्रधान ने खत्म की बस्ती की पुरानी समस्या
-
दलित बस्ती को मिली बड़ी सौगात, शुरू हुआ नाली निर्माण कार्य
खबर उत्तर प्रदेश के बलिया से है। जहां सीयर ब्लॉक के फरसाटार में वर्तमान ग्राम प्रधान राम आशीष चौहान ने ऐतिहासिक कार्य करवाया है। अपने डेढ़ साल के कार्यकालों में गांव में विकास की गंगा बहा दी है। वहीं दलित बस्ती में नाली पानी की निकास की समस्या से जूझ रहे। लोगों को बढ़ी राहत मिलने जा रही है। ग्राम प्रधान राम आशीष चौहान ने उस बस्ती में नाली का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। वहीं जब इस संबंध में पूछा गया तो ग्रामीणों ने बताया कि 15,20 सालों से हम लोग परेशान थे। अपने घरों के सामने गड्ढा खोदकर कर उसी में पानी बहाते थे। पानी निकास न होने के कारण रास्ते में इतना पानी हो जाता था की चलना भी मुश्किल हो जाता था। बरसात के दिनों में तो और भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन इस दलित बस्ती में आज तक कोई ध्यान नहीं दिया। लेकिन वर्तमान ग्राम प्रधान रामाशीष चौहान ने जो की केवल डेढ़ सालों के लिए चुने गए हैं। इस दलित बस्ती के लिए ऐतिहासिक कार्य करा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा की नाली का निर्माण कार्य शुरू हो जाने से हम लोग काफी प्रसन्न है। हम सभी मोहल्ला वासी प्रधान जी को धन्यवाद देते हैं। वहीं वर्तमान ग्राम प्रधान रामाशीष चौहान से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैंने अपने डेढ़ साल के कार्यकालों में जितना संभव हो सका विकास कार्य किया हूं। इस दलित बस्ती में पानी निकास की काफी समस्या थी।लोग अपने घरों के सामने गड्ढा खोदकर पानी बहाते थे। मैंने वादा किया था चुनाव जीतने के बाद इस दलित बस्ती में नाली की पानी का निकास कराऊंगा। आज यहां पर नवनिर्माण शुरू हो गया है। बहुत जल्द ही मुहल्ले के लोगों को पानी निकास की समस्या से निजात मिल जाएगा। आगे उन्होंने क्या कुछ कहा देखिए बलिया से अंगद कुमार की रिपोर्ट
2026031800452245568113.mp4
2026031800453791283486.mp4
20260318004549457405125.mp4
20260318004610125688017.mp4
20260318004727300186003.mp4
20260318004807626484748.mp4
20260318004924742644351.mp4
