फास्ट न्यूज इंडिया प्रतापगढ़। जनपद के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय, सम्बद्ध डॉ. सोने लाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर अस्पताल का नाम स्पष्ट रूप से न लिखे होने के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के मुख्य गेट पर पहचान का कोई बड़ा बोर्ड या संकेतक न होने से लोगों को यह समझने में परेशानी होती है कि यही जिला अस्पताल है।प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए इस अस्पताल में आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों की होती है। कई मरीज और उनके तीमारदार शहर में पहली बार आते हैं और अस्पताल का सही स्थान न पता होने के कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई बार लोग आसपास के दुकानदारों या राहगीरों से पूछते हुए अस्पताल तक पहुंचते हैं, जिससे समय भी बर्बाद होता है और मरीजों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल का मुख्य गेट होने के बावजूद वहां कहीं भी बड़े अक्षरों में अस्पताल का नाम नहीं लिखा गया है। यदि मुख्य द्वार पर स्पष्ट और बड़ा साइन बोर्ड लगाया जाए तो दूर से ही लोगों को पता चल सकेगा कि यही जिला अस्पताल है। इससे बाहर से आने वाले मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से यह अस्पताल जिले का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की पहचान स्पष्ट न होना व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य द्वार पर बड़ा और स्पष्ट बोर्ड लगवाना चाहिए। स्थानीय नागरिकों और मरीजों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर जल्द से जल्द बड़ा साइन बोर्ड लगाया जाए, ताकि लोगों को अस्पताल खोजने में परेशानी न हो और मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। लोगों का मानना है कि यह एक छोटी लेकिन बेहद जरूरी व्यवस्था है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
