कतर, दुबई, सऊदी अरब और इस तरफ के नामदानी वहां से निकल कर भारत आ जाएं तो उनकी सुरक्षा हो ही जाएगी।
वहां से जो लोग अभी नहीं आ पा रहे हैं, वे साधना शिविर लगवाएं, नामध्वनि करवाएं तो गुरु बचा लेंगे
इटियाथोक /गोंडा. । परम् पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 8 मार्च 2026 को सतसंग सुनाते हुए खराब समय के बारे में आगाह किया और उससे बचत का उपाय भी बताया। पूज्य बाबाजी जनहित की बात बताते हैं, सबके फायदे की बात बताते हैं। वे भविष्यवाणी तो नहीं करते हैं लेकिन आने वाले खराब समय के बारे में बता कर लोगों को आगाह कर देते हैं।
उन्होंने बताया है कि आफत आएगी। सब तहस-नहस दिखाई पड़ रहा है, आग की लपटें दिखाई पड़ रही हैं, बड़े-बड़े, ऊंचे-ऊंचे मकान कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। लाशों का संस्कार भी नहीं हो पा रहा है, जल-जल के लोग मर रहे हैं, हड्डी-पसली तक उनकी नहीं मिल रही है। ऐसा समय आ रहा है।
महात्मा जिस काम के लिए इस धरती पर आते हैं, वह काम पूरा करते हैं।
बाबाजी ने कहा कि महात्मा जिस काम के लिए इस धरती पर आते हैं, वह काम पूरा करते हैं। मानवता लाते हैं, सदाचार लाते हैं, लोगों के अंदर त्याग और सेवा की भावना पैदा करते हैं। जीवों को उस प्रभु की याद दिलाते हैं, उन्हें अपने घर, अपने प्रभु तक पहुंचने का रास्ता बताते हैं और रास्ते पर चला कर मंजिल तक पहुंचाते हैं।
महात्मा बराबर रास्ता निकालते रहते हैं। अभी जो साधना शिविर का रास्ता निकाला गया कि शिविर लगाओ, यह वही रास्ता है कि इस रास्ते पर चलो और मंजिल तक पहुंच जाओ। साधना शिविर बराबर चलेगी। इसके लिए अभी आदेश भी हुआ है कि आप लोग तीन-तीन दिन की अखण्ड साधना शिविर लगाओ और जहां नामदानियों की संख्या कम है, साधना शिविर नहीं लग सकती है वहां पर तीन दिन की अखण्ड "जय गुरु देव" नामध्वनि शिविर लगा लो। जहां 2-4 लोग ही नामदानी है वहां भी नामध्वनि सफल हो जाएगी।
उसमें आप गांव के शाकाहारी लोगों को, अच्छे लोगों को भी बुला लो; जब वे नामध्वनि बोलेंगे तो उनके भी कर्म कटेंगे। जहां तीन दिन का ना हो पाए वहां चौबीस घंटे का तो आराम से हो जाएगा।
जो लोग जय गुरु देव नामध्वनि में जुड़ जाएंगे, गुरु महाराज को याद करने लग जाएंगे उन्हें गुरु खराब समय से बचा लेंगे।
ज्यादा आफत विदेशों में ही आएगी। और आज की तारीख में तो मैं यह कह देना चाहूंगा कि कतर, दुबई, सऊदी अरब और इस तरफ के नामदानी अगर वहां से निकल कर भारत आ जाएं तो उनकी सुरक्षा हो ही जाएगी।
लेकिन वहां पर जो लोग अभी नहीं आ पा रहे हैं वे साधना शिविर लगवाएं, वे नामध्वनि करवाएं। जब लोग नामध्वनि में जुड़ जाएंगे और इस वक्त के जीते-जागते नाम जय गुरु देव नाम को बोलने लग जाएंगे, इससे प्रभु को याद करने लग जाएंगे, गुरु महाराज को याद करने लग जाएंगे तो गुरु का बड़ा लम्बा हाथ होता है; गुरु महाराज आपको बचाएंगें। रिपोट - पवन कुमार 151051049
