खबर उत्तर प्रदेश के बलिया से हैं। जहां
रंगों का त्योहार होली पूरे देश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इसी क्रम में सिकंदरपुर कस्बे में भी लोग रंगों में सराबोर नजर आए। सभी लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
बरसों से चली आ रही पुरानी परंपरा को जीवित रखते हुए भैरवनाथ वर्मा के आवास से सैकड़ों युवाओं ने होली का जुलूस निकालकर पूरे नगर का भ्रमण किया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए होली का उत्सव मनाया।
जुलूस के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल भी देखने को मिली। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। खास बात यह रही कि रमजान का महीना और रोजा होने के बावजूद भी मुस्लिम समाज के लोग हिंदू भाइयों के साथ जुलूस में शामिल होकर होली खेलते नजर आए, जिसकी लोगों ने खूब सराहना की।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया अपने दलबल के साथ जुलूस के साथ-साथ लगातार नजर बनाए हुए थे।
फास्ट न्यूज़ इंडिया के संवाददाता अंगद कुमार से बातचीत के दौरान युवा मुस्लिम समाजसेवी नजरुल बारी ने कहा कि “मैं रोजा भी हूं और होली भी खेल रहा हूं। यही हमारे हिंदुस्तान की खूबसूरती है। होली पर मैं उनके साथ हूं और ईद पर वे हमारे साथ होंगे। यही हमारी गंगा-जमुनी तहजीब है।” उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में इसी तरह अमन, चैन और भाईचारा बना रहे।
वहीं राकेश सिंह ने कहा कि इस होली के त्योहार में हिंदू-मुस्लिम सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और एक-दूसरे को बधाई देते हैं।
अनिल यादव ने कहा कि यह परंपरा हमारे पूर्वजों के समय से चली आ रही है। यहां सभी लोग मिलजुलकर हर त्योहार मनाते हैं—चाहे ईद हो, बकरीद हो, होली हो या दीपावली। हमारा देश अमन और भाईचारे का देश है और यह परंपरा हमेशा कायम रहेगी।
वहीं पूर्व अध्यक्ष रविंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि सिकंदरपुर में हिंदू-मुस्लिम सभी लोग हर त्योहार को मिलजुलकर मनाते हैं और सभी के सहयोग से ही हर आयोजन सफल होता है।
आगे उन्होंने क्या कुछ कहा
देखिए बलिया से अंगद कुमार की रिपोर्ट
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