वैष्णो देवी मंदिर – त्रिकुटा पर्वत की पावन गुफा
त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा में माता रानी त्रेता युग से विराजमान मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यता है कि माता भक्तों के कल्याण हेतु सदैव अपने दरबार में विराजती हैं और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
कहा जाता है कि जो भक्त माता रानी के दर्शन के बाद भैरव बाबा मंदिर के दर्शन करता है, उसकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है। माता की कृपा जिन पर बनी रहती है, वे प्रतिवर्ष दरबार में माथा टेकने अवश्य पहुंचते हैं।
विकास कार्य और सुविधाएं
हाल के वर्षों में तीर्थ क्षेत्र में व्यापक विकास कार्य हुए हैं। नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे परियोजना की शुरुआत की गई। भैरव घाटी तक रोपवे की सुविधा उपलब्ध है, जिससे दर्शन के बाद पैदल चढ़ाई से होने वाली थकान कम हो जाती है और बुजुर्गों व बच्चों को विशेष राहत मिलती है।
नए मार्ग का निर्माण भी किया गया है, जहां से श्रद्धालु शांत वातावरण में प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हुए यात्रा कर सकते हैं।
स्वच्छता और अनुशासन का संदेश
भक्तों से अपील है कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें, गंदगी न फैलाएं और अनुशासन के साथ माता रानी के दर्शन करें। यात्रा को आध्यात्मिक भाव से पूर्ण करें और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचें।
शिवखोड़ी – प्राकृतिक गुफा में विराजमान भोलेनाथ
कटरा से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित शिवखोड़ी एक प्रसिद्ध प्राकृतिक गुफा है, जहां भगवान शिव स्वयंभू रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से दर्शन करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
यह स्थल श्रद्धा, आस्था और प्राकृतिक अद्भुतता का संगम है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। आइये देखते है राजेश शिवहरे की रिपोट
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