फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। थाना कोहड़ौर क्षेत्र में दर्ज प्रकरण को लेकर हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पुलिस की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक विवेचना में यह स्पष्ट हो गया है कि मामला हत्या का नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु का है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण का खुलासा किया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि ग्राम धन्नीपुर निवासी वादी की तहरीर पर मु0अ0सं0 36/2026 धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें अनुज उर्फ मक्खन विश्वकर्मा, उमाशंकर उर्फ बाबा गिरी एवं अखिलेश शुक्ला नामजद थे। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर श्री शिवनारायण वैस द्वारा स्वयं की गई। विवेचना के दौरान नकल चिक, नकल रपट, एफआईआर लेखक, वादी व गवाहों के बयान, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिमत, घटनास्थल निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), डिजिटल भुगतान विवरण, डायल-112 कॉल लॉग तथा पुलिस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट सहित समस्त भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का क्रमबद्ध परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 25 फरवरी 2026 को मृतक वीरेन्द्र कुमार गौतम अपने परिचितों के साथ बारात कार्यक्रम में शामिल हुआ था, जहां मदिरा/बीयर का सेवन किया गया। इसके बाद वह रात करीब 9:30 बजे मोटरसाइकिल से आकाश पाण्डेय के घर मोबाइल फोन लौटाने गया और वहां से अकेले लौट रहा था।सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ कि रात करीब 9:45 बजे लौली नहर पुल के पास नहर मार्ग पर उसकी मोटरसाइकिल असंतुलित होकर सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से टकरा गई। सूचना पर डायल-112 की पीआरवी मौके पर पहुंची और घायल को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान 26 फरवरी 2026 की रात उसकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गंभीर सिर की चोट व आघातजनित चोटें बताया गया है, जो सड़क दुर्घटना से मेल खाती हैं। विवेचना में नामजद आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी या किसी प्रकार की मारपीट/आपराधिक कृत्य में संलिप्तता का कोई साक्ष्य नहीं मिला। मोबाइल सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से भी घटना के दुर्घटनावश होने की पुष्टि हुई है। एसपी ने कहा कि समस्त उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत कोई अपराध सिद्ध नहीं होता है। पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है और आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
