वाराणसी । गो-तस्करी के संगठित नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद अरशद को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को लोहता थाना क्षेत्र स्थित धरियाव मैदान के समीप से घेराबंदी कर पकड़ा गया। वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उस पर वाराणसी व चंदौली में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, 15 मार्च 2024 को कोतवाली चंदौली क्षेत्र में तीन वाहनों से 34 गोवंशीय पशुओं की बरामदगी के मामले में उसके गिरोह का नाम सामने आया था। इस प्रकरण में गिरोह के तीन सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच के दौरान मोहम्मद अरशद की संलिप्तता उजागर हुई, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
बताया जाता है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी मुंबई, गुजरात और दिल्ली में ठिकाने बदलता रहा। हाल ही में होली से पूर्व वह वाराणसी पहुंचा, जहां मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे एसटीएफ कार्यालय लाया गया और पूछताछ की गई।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी मोहम्मद अरशद पुत्र गुलाम नबी, थाना सिगरा क्षेत्र के लहंगपुर, औरंगाबाद का निवासी है। उसके खिलाफ कोतवाली चंदौली में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा थाना सिगरा, वाराणसी में वर्ष 2020 और 2021 के दौरान मारपीट, धमकी समेत अन्य धाराओं में भी मामले दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी संगठित रूप से गोवंशीय पशुओं की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ा था। फिलहाल उसे आगे की विधिक कार्रवाई के लिए कोतवाली चंदौली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।
