फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज। शहर में निजी स्कूलों की पुस्तक व ड्रेस व्यवस्था के खिलाफ आवाज तेज हो गई है। रविवार को जे.डी. मराठा होटल एंड रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा को लूट से मुक्त करो अभियान के संयोजक हरवीर सिंह भारतीय ने शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था और आर्थिक शोषण पर कड़ा प्रहार करते हुए 26 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी इन मुद्दों को मजबूती से उठाया गया था। प्रशासन की ओर से आश्वासन मिले और शुरुआती स्तर पर हलचल भी दिखी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस व स्थायी सुधार नहीं हुआ। अभिभावक आज भी महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने और बार-बार बदली जा रही ड्रेस नीति के कारण आर्थिक बोझ झेलने को विवश हैं। अभियान की ओर से तीन प्रमुख मांगें इस प्रकार है कि सभी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी पुस्तकों को अनिवार्य किया जाए। निजी प्रकाशकों की अनावश्यक व बाध्यकारी पुस्तक प्रणाली तत्काल समाप्त की जाए। ड्रेस परिवर्तन की मनमानी पर रोक लगाकर तीन से पांच वर्ष की स्थिर नीति लागू की जाए। संयोजक हरवीर सिंह भारतीय ने कहा कि यह केवल किताबों या ड्रेस का मुद्दा नहीं, बल्कि पारदर्शिता और अभिभावकों के सम्मान का प्रश्न है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्राासन द्वारा ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिए गए, तो 26 फरवरी 2026 से गांधी मूर्ति, नदरई गेट पर शांतिपूर्ण अनिचितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित और संवैधानिक दायरे में होगा। सभा की स्वतंत्रता का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त है और अभियान कानून-व्यवस्था का पूरा सम्मान करेगा। प्रेस वार्ता में प्रदीप, डॉ. देवेश कुमार, सुखवीर, चंद्रोखर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। टीम की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष है। सकारात्मक निर्णय होने पर आंदोलन की समीक्षा की जाएगी, अन्यथा इसे व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। अभियान की ओर से दो टूक कहा गया। “हम स्कूलों के खिलाफ नहीं हैं, हम अभिभावकों के पक्ष में हैं। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
