संतकबीरनगर जिले की तहसीलों में खारिज दाखिल के 6710 मामले लम्बित चल रहे हैं। खारिज दाखिल कराने को काश्तकार तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं। समय से खारिज दाखिल नहीं होने से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।
ज्यादातर मामले मुकदमों के चलते लटके हुए हैं। सबसे ज्यादा खलीलाबाद तहसील में 3103 मामले लम्बित हैं। वहीं मेंहदावल तहसील 1778 मामले लम्बित हैं। वहीं 75 मामले ऐसे हैं जो पांच सालों से अधिक से लटके हुए हैं। इसके चलते लोगों का समय व धन दोनों बर्बाद हो रहा है। जिले की तहसीलों से मिली जानकारी के अनुसार खलीलाबाद तहसील में कुल 3103 मामले लम्बित हैं।
इनमें तहसीलदार न्यायालय में 1283, तहसीलदार न्यायिक के न्यायालय में 1082 नायब तहसीलदार के न्यायालय में 305, नायब तहसीलदार द्वितीय के न्यायालय में 433 मामले लम्बित हैं। वहीं मेंहदावल तहसील में तहसीलदार के न्यायालय में 1021, नायब तहसीलदार के न्यायालय में 349, नायब तहसीलदार द्वितीय के न्यायालय में 408 मामले लम्बित हैं। धनघटा तहसील में तहसीलदार के न्यायालय में 593, नायब तहसीलदार के हैंसर के न्यायालय में 660, नायब तहसीलदार नाथनगर के न्यायालय में 576 मामले लम्बित हैं। मामलों का निस्तारण न होने के कारण कास्तकार न्यायालयों का चक्कर लगाकर परेशान हैं। 75 मामले पांच वर्ष से अधिक पुराने लम्बित हैं जिले की तीनों तहसीलों में 75 मामले ऐसे हैं जो मुकदमों की जटिलताओं के कारण पांच वर्ष से अधिक समय से लम्बित चल रहे हैं। इनमें सर्वाधिक 39 मामले खलीलाबाद तसील में हैं। इसी तरह मेहदावल तहसील में 25 मामले पांच वर्ष से अधिक पुराने हैं। वहीं धनघटा तहसील में 11 मामले ऐसे हैं जो पांच साल से अधिक पुराने हैं। दाखिल-खारिज व आपत्तियों के निस्तारण में देरी से फरियादी परेशान दाखिल-खारिज और आपत्ति संबंधी फाइलें महीनों से लंबित पड़ी होने होने से फरियादी परेशान हो रहे हैं। महुली थाना अंतर्गत कलान गांव निवासी आशीष ने बताया कि धनघटा तहसील में आशीष बनाम ललन से संबंधित फाइल काफी दिनों से लंबित है, लेकिन अब तक दफा 34 के तहत खारिज दाखिल नहीं हो सकी है। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं महुली ली थाना क्षेत्र के सकरैचा गांव निवासी शीला ने बताया कि शीला बनाम रामकृपाल का मामला आपत्ति में चले जाने के कारण दाखिल-खारिज नहीं हो सका है। उनका कहना है कि प्रकरण लंबे समय से लंबित है और सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसी तरह थाना धनघटा क्षेत्र के मनकूपुर गांव निवासी शकुंतला पत्नी बुद्धू ने बताया कि बैनामा कराने के बाद उनकी फाइल भी काफी दिनों से तहसील में पड़ी है, लेकिन अभी तक खारिज दाखिल नहीं हो पाया है। फरियादियों का कहना है कि दाखिल-खारिज में देरी के कारण जमीन से जुड़े कार्य अटके हुए हैं और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोट - राज कुमार वर्मा 151109870
