भुवनेश्वर के सुंदरपड़ा में घर की छत पर बम्ब बनाने के दौरान हुई इस घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए लोगों ने बताया कि "अब पूछे कोई शबाना आजमी से कि शाहनवाज का केस आम लोगों के लिए मुसीबत बढ़ाएगा या घटाएगा? जो किराए के मकान लेकर शराफत की रोजी रोटी कमाने दूसरे शहरों से आते है? उनको क्या कोई मकान देगा..?? एक - दो की करनी बाकी सबको भरनी हैं।
उन्होंने कहा कि हंस हंस कर पहले तो बम बनाओ और जब फटे तो ऊपर बाले को याद करो दीवार फिल्म की निरुपा रॉय अपने खराब बेटे अमिताभ को कहती है जिसने तेरे हाथ पर लिखा कि तेरा बाप चोर है वो तेरा क्या लगता था? पर मैं तो तेरी मां हूं ये कहकर अपने अच्छे बेटे के पास रहती है। यहां मां बेटे के साथ मिलकर बम बना रही है साथ में प्रेमिका भी क्यों ? क्योंकि दुश्मनी निभानी है एक दुश्मन से! बम की इंटेंसिटी अगर और ज्यादा होती, तो पूरी की पूरी बिल्डिंग ही ढह जाती तो जानमाल का नुकसान इससे कही ज्यादा होता।
एक मां अपने बेटे के साथ मिलकर बम बनाती है ये कैसी जहनियत है?
बम की इंटेंसिटी अगर और ज्यादा होती, तो पूरी की पूरी बिल्डिंग ही ढह जाती तो जानमाल का नुकसान इससे कही ज्यादा होता हमने पूरा वीडियो नहीं देखा लेकिन बॉलीवुड वालों को ये पूरा वीडियो देखना चाहिए यहां ये तीस तीस चालीस चालीस लोगों को मारते है और खून बस नाममात्र को बहता दिखाते है।
यहां के इस बम धमाके में तीन चार लोग थे बम फटा और थोड़ी देर बाद पूरा छत खून से लाल हो गई। ऐसे जैसे किसी ने पानी की टंकी से छत भर दी - हाथ उखड़ा हुआ शरीर से और बन्दा कुछ देर बाद निढाल औरते जले हुए कपड़े अपने जिस्म से उतारती हुई क्योंकि आग की जलन बड़ी भयानक होती है।
हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज मालिक को आने वाले गणतंत्र दिवस पर सम्मानित करना चाहिए कि इंजीनियर साहब बम बनाते शहीद हुए लेकिन प्रयोग जारी रहेंगे। किसी से दुश्मनी निभाओ तो सीधे बम से उड़ाओ ताकि आतंकी घटना लगे शाहनवाज भाई किराए के मकान की छत पर प्रयोगशाला खोले हुए थे फिर शबाना आजमी कहती है कि इनको कोई किराए का मकान नहीं देता अब पूछे कोई शबाना आजमी से कि शाहनवाज का केस आम लोगों के लिए मुसीबत बढ़ाएगा या घटाएगा? जो किराए के मकान लेकर शराफत की रोजी रोटी कमाने दूसरे शहरों से आते है? उनको क्या कोई मकान देगा??
एक दो की करनी बाकी सबको भरनी
अभी पिछले दिनों फरीदाबाद में भी ऐसा हुआ किराए के मकान देने वाले मकान मालिक को भी अंदर किया और मकान की किराए की कमाई भी हाथ से गई यही हाल अब इस उड़ीसा वाली घटना से होना है अविश्वसनीयता और बढ़ेगी कि मकान दिया इनको तो बेटा ना जाने कब कोई गुल खिला दे।
आखिर में उन्होंने कहा कि इधर हम जाति को लेकर लड़ते रहेंगे अलग अलग रहेंगे और वो अपने प्लान में लगे रहेंगे। बहुत ही खतरनाक षड्यंत्र चल रहा हैं, अध्यापक हो या डॉक्टर इंजीनियर एजेंडा समान रहता हैं। इस घटना की सभी पहलुओं से जाँच सही तरिके से होनी चाहिए।
रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा
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