फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मिलने जा रही है। नगर पंचायत गड़वारा के राजापुर कला वार्ड में 22 फरवरी को प्रदेश की पहली पूर्णतः महिला विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सतीश महाना, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधानसभा, शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक व आयोजन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रस्तावित यह महिला विश्वविद्यालय आधुनिक शैक्षिक ढांचे पर आधारित होगा। यहां परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता, सूचना प्रौद्योगिकी एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य क्षेत्र की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगारोन्मुख व आत्मनिर्भर बनाना है।विश्वविद्यालय स्थापना की पहल साकेत ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरपर्सन अरविंद श्रीवास्तव के नेतृत्व में की जा रही है। विश्वविद्यालय की परिकल्पना के तहत शैक्षणिक भवनों के साथ छात्रावास, लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल परिसर एवं डिजिटल लर्निंग सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इससे छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चेयरपर्सन अरविंद श्रीवास्तव ने समाजसेवी अंजनी सिंह एवं दिनेश सिंह डगैता के साथ लखनऊ में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान शिलान्यास कार्यक्रम को भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्राप्त किए गए। सदर विधायक राजेंद्र मौर्य ने अपने विधानसभा क्षेत्र में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे प्रतापगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों की हजारों छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा के विस्तार से सामाजिक चेतना बढ़ेगी और बेटियां आत्मनिर्भर बनेंगी, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षाविदों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि महिला विश्वविद्यालय बनने से प्रतापगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा। विश्वविद्यालय के निर्माण से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से छात्राओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलने की भी संभावना है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि महिला विश्वविद्यालय की स्थापना से न केवल बेटियों को घर के पास उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि पलायन की समस्या में भी कमी आएगी। इससे प्रतापगढ़ का शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य नई दिशा में आगे बढ़ेगा। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
