मरदह (गाजीपुर)। रायपुर बाघपुर ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय के नियमित संचालन को लेकर आक्रोश गहराता जा रहा है। गुरुवार को प्रमुख समाजसेवी विवेक स्वाधीन के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को एक मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि सचिवालय को जनहित में तत्काल नहीं खोला गया, तो ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
आम जनता हो रही बेहाल
समाजसेवी विवेक स्वाधीन ने बताया कि सचिवालय के हमेशा बंद रहने के कारण ग्राम सभा के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ग्रामीणों को निम्नलिखित कार्यों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है:
जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र।
खसरा-खतौनी की नकल।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण लंबे समय से इसे खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है।
संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप
ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सचिवालय में उपलब्ध कुर्सी, प्रिंटर और कंप्यूटर का व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए उपयोग किया जा रहा है, जबकि जनता के काम ठप हैं। विवेक स्वाधीन ने कहा, सचिवालय खुलवाने के लिए दर्जनों बार धरना-प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार का नाम नहीं लिया जा रहा।
अनोखी चेतावनी: सचिवालय में भरेंगे भूसा
प्रशासनिक उदासीनता से क्षुब्ध होकर समाजसेवी ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सचिवालय नियमित रूप से नहीं खुला, तो ग्रामीण वहां गाय, भैंस और बकरियों को चारा खिलाने और भूसा भरने का कार्य शुरू कर देंगे। उनके अनुसार, जब भवन जनता के काम नहीं आ रहा, तो उसे पशुशाला के रूप में ही इस्तेमाल किया जाएगा।
अधिकारी का पक्ष
इस संबंध में एडीओ पंचायत अजीत गुप्ता ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रिपोर्ट -आर्यन सिंह 151176333
