फ़ास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
दस्तावेज, नकली सैलरी और 60 युवकों को जाल में फंसाने वाला गिरोह बेनकाब
पीलीभीत पुलिस ने रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुजरात के अंकलेश्वर से पकड़े गए इस मास्टरमाइंड शिवशंकर मिश्रा को दबोचा, जिसने अपने परिवार और साथियों के साथ मिलकर करीब 60 लोगों को ठगी का शिकार बनाया और उनसे लगभग 8 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब अमरिया थाना क्षेत्र के भूड़ा निवासी राजकुमार ने 16 सितंबर 2025 को धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने जांच शुरू की और पहले ही गिरोह के पांच सदस्यों—कमलेश कुमार, मोहम्मद मोहसिन, शौएब, रमा यादव और रेखा मिश्रा—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब पूरे खेल के मुख्य सूत्रधार शिवशंकर मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पूछताछ में सामने आया कि शिवशंकर मिश्रा वर्ष 2021 से यह गोरखधंधा चला रहा था। ठगी को अंजाम देने के लिए वह अपनी बेटी आयुषी मिश्रा के नाम से रेलवे में नियुक्ति से जुड़े फर्जी दस्तावेज दिखाकर बेरोजगार युवकों को भरोसे में लेता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी, बेटे और बेटी के बैंक खातों में ठगी के करीब 1.50 करोड़ रुपये जमा कराए। हैरानी की बात यह भी सामने आई कि जब पीड़ित युवक नौकरी न मिलने पर दबाव बनाते थे, तो गिरोह एक कथित बड़े रेल अधिकारी के नाम पर पीड़ितों के खातों में 13 हजार से 45 हजार रुपये तक “सैलरी” भेज देता था, जिससे युवकों को नौकरी पक्की होने का भ्रम होता रहा। विवेचना के दौरान 23 अन्य पीड़ित भी सामने आए, जिन्होंने 2.98 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब तक 2 लाख रुपये नकद बरामद कर चुकी है और आरोपियों के 14 अलग-अलग बैंक खातों को सीज (होल्ड कराया गया है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और कथित अधिकारी की तलाश में जुटी है। मामले की जांच जारी है। देखे पीलीभीत से जियाउल हक खान 151173981

20260216184218301788771.mp4
