फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी पीलीभीत। पुलिस अधीक्षक पीलीभीत द्वारा टीम गठित कर घटना के सफल अनावरण के निर्देश दिये गये, इसी क्रम में थाना अमरिया पुलिस द्वारा अभियुक्त गण कमलेश कुमार, मो० मोहसिन, शोएब,रामा यादव व रेखा मिश्रा पत्नी शिराशकान, मिश्रा व धनंजय मिश्रा पुत्र शिवशंकर को मुकदमा उपरोक्त में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेजा जा चुका है।
अभियुतगण करलेश, मोडसिन, रामा यादव, शोएब, धनंजय निश्रा व रेखा मिश्रा उपरोक्त की गिफ्तारी के दौरान व तपरान्त अन्य 23 पीडितों द्वारा तपस्थित थाना आकर अपनी अपनी तहरीर देकर सामूहिक रूप से बताया कि उपरोक्त अभियुक्तगण द्वारा हम लोगों के साथ भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर कूट रजित दस्तावेज देवकर कुल रुपये 2,98,00,000/- की धोखाधड़ी की है। इस दौराने विवेचना ज्ञात हुआ कि सभी पीडितों के साथ मुकदमा उपरोल में नामित अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा पुत्र केशव मिश्रा निवासी 206, शियन इकालेय, रुद्राक्ष रेजीडेन्सी के शामने कोरारामण्डी, अंकलेवर थाना ए.के. जीआईडीसी जनपद भरूच (राज्य गुजरात) के द्वारा मुख्य रूप से नौकरी दिलाने का झांसा देकर रूपयों की ठगी की गई है।पुछताछ विवरण अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा उपरोक्त ब्रामा पूछताछ में बताया गया कि अभियुक्त के द्वारा भिन्न शहरो में जाकर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर अपने सहअभियुक्तगण के साथ मिलकर लगभग 60 व्यक्तियों के साथ ठगी की गई है लगभग 1,50,00,000/- रुपये अपने व अपने परिवार में अपनी पुत्री आयुषी मिश्रा, पुत्र धनंजय मिश्रा व पत्नी रेखा मिश्रा के बैंक खातों में जमा करवाये है।
अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा के द्वारा वर्ष 2021 से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी। इस दौरान अभियुक्त हिवश्कर मिश्रा व इनके परिवारीजन ने भिन्न भिन्न बैंकों में खाता खुलवाकर रुपयों का आदान प्रदान किया है एवं मिलकर कई कूट रचित दस्तावेज तैयार कर कई लोगों के साथ रुपये की तभी की गयी है। पीडितो
को अधिक विश्वाश में लेने के लिए अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा उपरोक्त के द्वारा अपनी पुत्री आयुषी मिश्रा का रेलवे में नियुक्ति दस्तावेज दिखाया जाता था, जिससे कि पीड़ित लोगों का विश्वास अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा एवं उनके परिवारजन में और बह गया था।
अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा द्वारा यह भी बताया कि कोई आरके सिंह नाम का व्यक्ति है जिसको मैंने व अन्या सह-अभियुक्तगण ने काफी रुपये दिये है जो अपने आपको रेलवे में बडा अधिकारी बताता है, के द्वारा दिये गये अन्य बैक खातों में भी रुपये डाले गये हैं। जब पीडित लोग अधिक दबाव हमारे उपर बनाते थे तो उक्त आरके सिंह द्वारा पीडितों के बैंक खातों में सैलरी के नाम पर कभी 28,200/- रुपये, 45000/- रुपये, 13,500/- रूपये डाल दिये जाते थे। धोखाधड़ी का एहसास होने पर लोगों ने यह मुकदमा पंजीकृत कराया है।
बरामदगी -
मुकदमा उपरोक्त में अबतक कुल रुपये 2,00,000/- बरामद किये गये व अभियुक्तगण के कुल 14 बैंक खातों में रुपयों को होल्ड कराया गया है। रिपोर्ट रामचंद्र 151111271
