उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत अब तक के सबसे बड़े बजट को वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ ख़ान ने विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने इसे जनकल्याणकारी, विकासोन्मुखी और सर्वस्पर्शी बजट करार देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को बधाई दी।
वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ ख़ान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को निवेश और रोजगार का हब बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। यह बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्यमियों तथा आम नागरिकों को समर्पित है और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने का सशक्त रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश की ठोस कार्ययोजना है।
सर्वांगीण विकास की स्पष्ट झलक
वरिष्ठ समाजसेवी ने कहा कि बजट में जनभावनाओं और विकास का संतुलित समन्वय दिखाई देता है। सड़क, एक्सप्रेसवे, शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार को नई गति देने के साथ-साथ रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है - जनकल्याण, आर्थिक मजबूती और अवसरों का विस्तार।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि सरकार ने कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देकर यह संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश का भविष्य रोजगार और उद्यमिता पर आधारित होगा। “टेक युवा, समर्थ युवा” के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा और मेधावी छात्रों पर विशेष फोकस
बजट में शिक्षा क्षेत्र को लगभग 12.4 प्रतिशत आवंटन दिया जाना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में निवेश ही भविष्य की गुणवत्ता और कौशल विकास का आधार है। मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान करने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान छात्राओं के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को नई दिशा देगा। इससे प्रदेश की बेटियों में उत्साह का माहौल है।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
श्री ख़ान ने कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए किए गए प्रावधान सरकार की उस सोच को दर्शाते हैं जिसमें किसान को आर्थिक विकास का केंद्र माना गया है। गन्ना मूल्य वृद्धि, सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार, एग्री एक्सपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने से किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान हितैषी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाला है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा के लिए किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना हेतु 252 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। यह बजट सामाजिक समरसता और समान अवसर के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है।
निवेश, कानून-व्यवस्था और आर्थिक अनुशासन
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश में वृद्धि और बुनियादी ढांचे के विस्तार ने उत्तर प्रदेश को नई पहचान दी है। बड़े पैमाने पर हुए निवेश समझौते आने वाले समय में रोजगार सृजन के नए द्वार खोलेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया, जो वित्तीय अनुशासन और कुशल आर्थिक प्रबंधन का प्रमाण है।
विकसित भारत और विजन-2047 की ओर
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह ऐतिहासिक बजट विकसित भारत के संकल्प और विजन-2047 की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है। प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि, बेरोजगारी दर में कमी और बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना प्रदेश की विकास यात्रा के सशक्त संकेत हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी मुसरफ ख़ान ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक शक्ति, सामाजिक समरसता और भविष्य की संभावनाओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश केवल विकास की बात नहीं करता, बल्कि विकास को धरातल पर उतारकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।
रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा 151170853
