मथुरा। आपको बता दें कि इस बार महाशिवरात्रि पर्व का योग दो दिन मनाया जाएगा। ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कहा कि पंचाग के हिसाब से 15 फरवरी शाम पांच बजे के चार मिनट से चालू होगी और 16 फरवरी शाम पांच बजकर चौतिस मिनट तक रहेगी। अगर शुभ मुहूर्त देखा जाऐ तो 15 फरवरी शाम पांच बजकर चार मिनट है जो उज्जैन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के साथ अनेकों स्थानों पर धूमधाम से मनाई जाएगी। शिवरात्रि एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान शिव की पूजा और सम्मान के लिए मनाया जाता है। यहाँ शिवरात्रि पर्व की विधि और विशेषता है:
शिवरात्रि पर्व की विधि:
1. पूजा की तैयारी: शिवरात्रि के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
2. शिवलिंग की पूजा: शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग की पूजा करें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, और घी चढ़ाएं।
3. बेलपत्र और फूल: शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल चढ़ाएं।
4. आराधना और जाप: शिव की आराधना करें और ओम नमः शिवाय का जाप करें।
5. रात भर जागरण: शिवरात्रि की रात को जागकर शिव की पूजा और जाप करें।
6. प्रसाद ग्रहण: अगले दिन सुबह शिव मंदिर में प्रसाद ग्रहण करें।
शिवरात्रि पर्व की विशेषता:
1. शिव की पूजा: शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा और सम्मान के लिए मनाया जाता है।
2. सृष्टि की उत्पत्ति: शिवरात्रि के दिन भगवान शिव ने सृष्टि की उत्पत्ति की थी।
3. पापों का नाश: शिवरात्रि के दिन शिव की पूजा करने से पापों का नाश होता है।
4. मोक्ष की प्राप्ति: शिवरात्रि के दिन शिव की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
5. सुख और समृद्धि: शिवरात्रि के दिन शिव की पूजा करने से सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
