हज़ारी महादेव मंदिर परिसर की पवित्रता पर खतरा, बिना अनुमति भंडारे और गंदगी से मंदिर प्रशासन नाराज़
इटावा जनपद का हज़ारी महादेव मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक विशेषता के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही शिवलिंग पर एक हजार छोटे शिवलिंग स्थापित हैं, इसी कारण इसे हज़ारी महादेव कहा जाता है। यह स्वरूप भगवान शिव की अनंतता, शक्ति और एकत्व का प्रतीक माना जाता है—एक में हजार और हजार में एक।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है। जनश्रुतियों के मुताबिक प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने यहां तपस्या की थी और इसी तपोभूमि में यह अद्भुत शिवलिंग प्रकट हुआ। समय के साथ मंदिर का विकास हुआ, लेकिन श्रद्धा और आस्था आज भी उतनी ही अटूट है।
मंदिर परिसर से जुड़ी समस्या
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि ऊसरा हार के कुछ लोग—राजकिशोर और गौरव सहित—बिना अनुमति के मंदिर के सत्संग हॉल के बाहर पार्क में भंडारे का आयोजन कर देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है। आयोजक बिना सफाई किए चले जाते हैं, जिससे मंदिर परिसर की पवित्रता प्रभावित होती है।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
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किसी भी प्रकार का भंडारा या आयोजन महंत जी एवं मंदिर अध्यक्ष की पूर्व अनुमति से ही किया जाए
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कार्यक्रम के बाद सफाई की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी
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मंदिर परिसर को पिकनिक स्थल न समझा जाए, यह एक पवित्र धार्मिक स्थान है
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और मंदिर की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। देखे इटावा से शिवा कश्यप की रिपोट 
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