आसपुर देवसरा, कालाकांकर, प्रतापगढ़ सदर ब्लाकों में चलेगा विशेष दवा सेवन अभियान
10 फरवरी से घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
5.52 लाख लोगों को संक्रमण से बचाने की तैयारी
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। लगातार प्रयासों से प्रतापगढ़ अब फाइलेरिया उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है। यही वजह है कि इस बार सिर्फ तीन ब्लॉकों में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान दस फरवरी से चलाया जाएगा। अभियान से पूर्व शुक्रवार को सीएमओ सभागार में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य जन समुदाय में बीमारी की गंभीरता और इससे बचाव की दवा का महत्व समझाना था, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डॉ. ए एन प्रसाद ने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षण 10–15 साल बाद हाथीपाँव और हाइड्रोसील के रूप में सामने आते हैं, लंबे समय तक संक्रमण के छिपे रहने के कारण इसका समुदाय में फैलने का खतरा बना रहता है। इससे बचाव के लिए 10 से 28 फरवरी तक आसपुर देवसरा, कालाकांकर, प्रतापगढ़ सदर ब्लॉकों के 5.52 लाख लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। अभियान में 527 टीमें घर-घर दवा सेवन कराएंगी और 106 सुपरवाइजर निगरानी करेंगे। सीएमओ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार फाइलेरिया उन्मूलन के लिए पांच-स्तंभीय रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें सर्वजन दवा सेवन, रोग प्रबंधन, वाहक नियंत्रण, विभागीय समन्वय और डिजिटल नवाचार शामिल हैं। भ्रांतियाँ दूर कर करें दवाओं का सेवन - पीसीआई के स्टेट मैनेजर डॉ. विकास द्विवेदी ने कहा कि कई बार लोग खुद को स्वस्थ समझकर दवा नहीं लेते, जिससे संक्रमण दूसरों में फैलने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि मीडिया भ्रांतियाँ दूर कर सही जानकारी लोगों तक पहुँचाने में सहयोग कर सकता है। अभियान की सफलता के लिए कम से कम 90 प्रतिशत पात्र आबादी का दवा सेवन जरूरी है, तभी यह जनभागीदारी वाला जन-आंदोलन बन पाएगा। डर नहीं, दवा ही बचाव- डबल्यूएचओ के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. निशांत कुमार ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवाएं डबल्यूएचओ से प्रमाणित हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं। हल्का बुखार या चक्कर आना सामान्य प्रक्रिया है जो फाइलेरिया के सूक्ष्म कृमियों के नष्ट होने से होता है। इसलिए यह शुभ संकेत है ,असली खतरा दवा न लेना है, क्योंकि एक संक्रमित व्यक्ति अनजाने में पूरे गांव को जोखिम में डाल सकता है। गंभीर है बीमारी - जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 654 हाथीपाँव के मरीज चिन्हित हैं। हालिया नाइट ब्लड सर्वे में तीन ब्लॉकों में संक्रमण दर अधिक मिली, इसलिए केवल इन्हीं क्षेत्रों में अभियान चलाया जाएगा। गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गंभीर रोगियों को छोड़कर सभी को स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी में दवा खिलाई जाएगी, ताकि संक्रमण की श्रृंखला टूट सके। कार्यक्रम का संचालन कर रहे एनएचएम के डीपीएम आरबी यादव ने बताया कि अभियान के सफल संचालन में पीसीआई, पाथ, सीफार व डबल्यूएचओ की टीमें सहयोग कर रहीं हैं , उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे अभियान को जन आंदोलन का रूप देने में सहयोग करें ताकि प्रतापगढ़ को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। इस मौके पर पाथ से नीतीश गोविंद राव व स्वास्थ्य कर्मियों सहित जनपद के मीडिया साथी मौजूद रहे। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
