झारखंड के एक प्रसिद्ध और रमणीक मंदिर से फास्ट न्यूज इंडिया के रिपोर्टर मौके पर पहुंचे और वहां की व्यवस्था की स्थिति का पता लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पंडितों द्वारा मोटी रकम देनी पड़ती है। जो पैसे नहीं देते, उन्हें दर्शन करने में मुश्किल होती है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि “रक्षक वही भक्षक बन गया है।”
इस दौरान फास्ट न्यूज इंडिया के बिहार-झारखंड मुकेश शर्मा खुद भी दर्शन के लिए काफी मशक्कत करने के बाद माता छिमस्तीके के दर्शन कर पाए।
मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां बलि देने की परंपरा है। जहां बलि दी जाती है, वहां मक्खी भी नहीं दिखाई देती। अधिकांश श्रद्धालु नई गाड़ी खरीदकर बलि देते हैं ताकि देवी से उनका कर्ज चुकाया जा सके और वाहन पर कोई परेशानी न आए।
हर दिन यहां दसों हजार भक्त आते हैं, और मंदिर की यह विशेष परंपरा और दर्शन की व्यवस्था लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। देखिए बिहार से मुकेश शर्मा की रिपोट

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