मथुरा। ब्रज धाम, जहां आज भी कण-कण में श्रीकृष्ण और राधारानी की लीला मानी जाती है, उसी पावन भूमि से गौ सेवा और सनातन धर्म की रक्षा का एक प्रेरणादायक संकल्प सामने आया है।
कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यावस्था से ही गौ माता की सेवा और रक्षा की, इसी कारण उन्हें गोपाल कहा गया। लेकिन कलयुग में जहां एक ओर गौ माता की उपेक्षा हो रही है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो निस्वार्थ भाव से गौ सेवा में अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं।
ऐसे ही एक नाम हैं गौ पुत्र धर्म दास महाराज।
ब्रज की इसी पवित्र मिट्टी में जन्मे गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने कम उम्र से ही गौ माताओं की सेवा और रक्षा को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने सन 1 जनवरी 2019 को संत समाज का मार्ग अपनाया। उनके गुरु स्वामी चंदन दास महाराज ने उन्हें संत धर्म दास महाराज नाम प्रदान किया।
इसके बाद खेरागढ़ तहसील के गांव तेहरा स्थित सरकारी गौशाला का संचालन उन्होंने जन अर्धांगिनी फाउंडेशन के माध्यम से संभाला, जहां अकेले रहकर सैकड़ों गौ माताओं की सेवा की। बाद में प्रशासन के अनुरोध पर गौशाला का संचालन ग्राम प्रधान को सौंप दिया गया।
इसी दौरान घटी एक आध्यात्मिक घटना के पश्चात अयोध्या पीठाधीश्वर जगतगुरु बालमुकुंदाचार्य महाराज एवं गुरु स्वामी चंदन दास महाराज ने 11 जुलाई को उनका नाम गौ पुत्र धर्म दास महाराज रखा।
तीन महीने बाद आगरा के टेड़ी बगिया में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने तक जूते-चप्पल त्यागने का संकल्प लिया, जिसे वे आज तक निभा रहे हैं।
गौ पुत्र धर्म दास महाराज वर्तमान में ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के माध्यम से पूरे देश में गौ सेवा और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सक्रिय हैं।
उन्होंने आगामी 27 अप्रैल – गौ सम्मान दिवस के अवसर पर देशवासियों से अपील की है कि भारत की 500 तहसीलों से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग की जाए।
उनका कहना है कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है, इसे व्यर्थ न गँवाएं—
जागो सनातनी, गौ माता और संत समाज की सेवा में आगे आओ। रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा 151170853
