बयाना- उपखंड क्षेत्र के नया नगला गांव में स्थित फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई का मामला सामने आया है। क्षेत्र में करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने लगभग तीन बीघा वन भूमि से 159 हरे पेड़ों को काट दिया है। जिसमें राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित कई कीमती प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। सूचना पर वन विभाग और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
वन विभाग के अनुसार ग्रामीणों ने हस्तचालित आरा मशीनों से पेड़ों की कटाई की और उन्हें पिकअप वाहनों में भरकर ले गए, साथ ही दो जेसीबी मशीनों की मदद से जंगल की जमीन को खेती के लिए समतल कर दिया गया। साथ ही जंगल की प्राकृतिक वनस्पति और वन्यजीवों के आवास को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। बताया गया है, कि काटे गए पेड़ों में 12 खेजड़ी, 71 सफेद खैर, 48 रोझ, 10 बबूल, 6 पापड़ी, 9 बिरबिरी, 2 पीलू और 1 हिंगोट का पेड़ शामिल है।
वन विभाग के अनुसार बयाना सदर थाने में फॉरेस्ट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही जेसीबी चालकों को भी आरोपी बनाया गया है। उक्त मामले में सहायक वनपाल कुंवर सिंह एवं वनरक्षक नीरज कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार मामले में अवैध कटाई रोकने में नाकाम रहने और राजकार्य में लापरवाही बरतने पर वन विभाग ने कार्रवाई की है जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध कटाई में वन विभाग के कुछ अफसरों की भी मिलीभगत रही है। हालांकि विभाग ने इन आरोपों की जांच की बात कही है। पुलिस के अनुसार वन विभाग द्वारा दर्ज कराए गए मामले में सभी पहलुओं की जांच करने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्रकृति प्रेमी लोगों का कहना है कि वैसे तो सरकार और प्रशासन *एक पेड़ मां के नाम* जैसी अनेकों योजनाएं चलाकर युद्ध स्तर पर, सरकारी एवं निजी विद्यालय, कार्यालय एवं सार्वजनिक जगहों पर वृक्षारोपण का कार्य करवाते हैं। किंतु इतनी बड़ी संख्या में वृक्षों की कटाई होने पर भी प्रशासन सोया रहा यह निंदनीय है। दोषियों के खिलाफ निश्चित रूप से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
