फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। सृजना साहित्यिक संस्था उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में संत शिरोमणि रविदास जयंती समारोह का आयोजन सृजना कुटीर, अजीतनगर में किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य ‘रत्न’ ने कहा कि आडंबर एवं छुआछूत के प्रखर विरोधी महासंत रविदास का जीवन समता, बंधुता और न्याय का सशक्त संदेश देता है। मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहा कि संत रविदास का जीवन पंथनिरपेक्षता, मानवता और सामाजिक न्याय का जीवंत उदाहरण है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित चेयरपर्सन डॉ. शाहिदा ने कहा कि संत रविदास की जीवन यात्रा प्रत्येक युग के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है।वहीं विशिष्ट अतिथि ट्रस्टी आनंद मोहन ओझा ने कहा कि महासंत रविदास का जीवन दर्शन हमें विशिष्टता एवं आत्मसम्मान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर साहित्यकार प्रेम कुमार प्रेम, कुंज बिहारी काकाश्री, श्रीनाथ सरस, अमरनाथ बेजोड़, राधेश्याम दीवाना, राजेश हर्षपुरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार निलय ने किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
