वाराणसी। दिनांक 29 जनवरी 2026 को वाराणसी विकास प्राधिकरण के सभागार कक्ष में सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में जोन–3, जोन–4 एवं जोन–5 की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 01 जनवरी 2026 से 28 जनवरी 2026 तक की प्रगति, विगत तीन माह की एमपीआर (MPR) तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जोनल अधिकारी रविन्द्र प्रकाश, सौरभ देव प्रजापति एवं अशोक त्यागी, अवर अभियंता आदर्श निराला, रोहित कुमार, संजय तिवारी, भवन लिपिक एवं जन सूचना/आईजीआरएस लिपिक उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान सचिव द्वारा जमा व स्वीकृत शमन मानचित्र, तावान/शमन शुल्क की वसूली, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों पर नकारात्मक फीडबैक, अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई, अनधिकृत पेट्रोल, डीजल व सीएनजी फिलिंग स्टेशनों के विरुद्ध कार्रवाई तथा विन्यास एवं भवन (वार्ड) के टॉप–10 बकायेदारों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि आलोच्य अवधि में जोन–3, 4 एवं 5 में कुल 52 शमन मानचित्र स्वीकृत किए गए, जिससे ₹4,76,07,008 की शमन शुल्क राशि प्राधिकरण कोष में जमा कराई गई। सचिव ने पुराने व लंबित शमन मानचित्रों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा ने अवैध निर्माणों पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि—
-
प्रति माह 20 आवासीय/व्यावसायिक मानचित्र स्वीकृत कराए जाएं।
-
प्रति माह 5 प्लाटिंग लेआउट स्वीकृत किए जाएं।
-
सील किए गए भवनों पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न होने दिया जाए।
-
सील तोड़कर निर्माण होने की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत कर एफआईआर व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जोनल अधिकारियों एवं अवर अभियंताओं को निर्देशित किया कि अपने-अपने जोन में सील किए गए भवनों व अवैध निर्माणों की विस्तृत रिपोर्ट समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करें, ताकि संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
साथ ही सचिव ने अधिक से अधिक मानचित्र स्वीकृत कर शमन शुल्क की वसूली बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
