पीलीभीत में पीसीएफ (उत्तर प्रदेश सहकारी संघ) के धान क्रय केंद्रों पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिले के विभिन्न केंद्रों पर सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हजारों क्विंटल धान मौके से गायब मिला। आरोप है कि यह घोटाला पीसीएफ के जिला प्रबंधक के संरक्षण में हुआ, जिसमें किसानों के सत्यापन से लेकर खरीद प्रक्रिया तक हर स्तर पर धांधली की गई। सूत्रों के अनुसार, दर्जनों फर्जी किसानों की सूची तैयार की गई, जिनके पते और भू-अभिलेख संदिग्ध पाए गए। इन फर्जी पते के आधार पर सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कर करोड़ों रुपये की धान खरीद कागजों में दर्ज कर ली गई। वास्तविक किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला और सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बिचौलियों और केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से कागजों पर फर्जी तरीके से धान की खरीद दिखाई गई, जबकि वास्तव में धान केंद्रों तक पहुंचा ही नहीं। इससे सरकारी रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के बीच भारी अंतर पाया गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एआर कोऑपरेटिव प्रदीप सिंह ने गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग को प्रारंभिक जानकारी मिल चुकी है और गायब स्टॉक तथा फर्जी खरीद के आरोपों की गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घोटाले में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जिले भर के पीसीएफ धान क्रय केंद्रों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जांच के बाद घोटाले की परतें और खुलने की संभावना है, जिससे कई बड़े नामों पर शिकंजा कस सकता है। जियाउल हक खान 151173981

