बहुचर्चित गैंगस्टर एक्ट मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्तों को किया दोषमुक्त
इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द कुमार पुष्कर ने की,
"बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए गंभीर, तथ्यपरक एवं महत्वपूर्ण तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचा, अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा।"
आगरा, संजय सिंह। थाना न्यू आगरा क्षेत्र से जुड़े वर्ष 2002 के बहुचर्चित गैंगस्टर एक्ट मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया। बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द कुमार पुष्कर द्वारा प्रस्तुत किए गए गंभीर, तथ्यपरक एवं महत्वपूर्ण तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। प्रकरण के अनुसार, बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविन्द कुमार पुष्कर ने बताया कि थाना न्यू आगरा, जनपद आगरा की पुलिस द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 812/2002 में अभियुक्त बबलू, रमेश उर्फ काके एवं राकेश उर्फ टीटू के विरुद्ध धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के अंतर्गत आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया था। विचारण के दौरान अभियुक्त राकेश उर्फ टीटू की मृत्यु हो जाने के कारण न्यायालय ने दिनांक 07 सितंबर 2017 को उसके विरुद्ध कार्यवाही उपशमित कर दी थी। पुष्कर ने आगे बताया कि शेष अभियुक्तों के मामले की सुनवाई के उपरांत विशेष न्यायालय ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा। फलस्वरूप, न्यायालय ने अभियुक्त बबलू एवं रमेश उर्फ काके को गैंगस्टर एक्ट की धारा 2 सहपठित धारा 3 के आरोपों से पूर्णतः दोषमुक्त कर दिया।
रिपोर्ट नन्द किशोर शर्मा
आईडी नम्बर 151170853
