फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड। बाजपुर/गदरपुर: गदरपुर के लोकप्रिय विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने आज बाजपुर में एक ऐसा राजनीतिक दांव चला है, जिससे उनके विरोधियों के खेमे में सन्नाटा पसर गया है। विजपुरी जमीन विवाद में अपनी छवि धूमिल करने की कोशिशों का करारा जवाब देते हुए विधायक ने स्वयं बाजपुर एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा को 'सहमति पत्र' सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जिस जमीन को लेकर उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाए जा रहे थे, उस पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और प्रशासन आज ही बुजुर्ग महिला को वहां काबिज कराए।
मुख्यमंत्री को पत्र: न्याय के लिए दिखाई प्रतिबद्धता
विधायक अरविंद पांडे ने केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को भी इस संदर्भ में पत्र प्रेषित कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित बुजुर्ग महिला श्रीमती परमजीत कौर को शीघ्र न्याय मिले। पांडे ने कहा, "मेरा संकल्प न्याय के साथ खड़ा होना है। मैंने लिखित सहमति दे दी है, अब प्रशासन तत्काल निर्देशित होकर बुजुर्ग माता को उनकी जमीन सौंपे।"
"छवि धूमिल करने वाले अब कहां छिपे हैं?"
विरोधियों पर तीखा प्रहार करते हुए विधायक ने कहा कि जब-जब चुनाव नजदीक आता है, कुछ लोग विजपुरी की बुजुर्ग माता और उनके बेटे को ढाल बनाकर मेरी बेदाग छवि पर कीचड़ उछालने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, "जिन-जिन लोगों ने माता जी को न्याय दिलाने का झूठा संकल्प लिया था और सोशल मीडिया पर शोर मचा रहे थे, वे अब आगे आएं। मैंने रास्ता साफ कर दिया है, अब वे लोग उनका सहयोग करें और कब्जा दिलाएं। केवल राजनीति के लिए किसी बुजुर्ग का इस्तेमाल करना बंद करें।"
आज ही कब्जा दिलाने का 'अल्टीमेटम'
एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए विधायक ने दो टूक कहा कि यह जनहित और शिक्षा से जुड़ी भूमि का मामला है। उन्होंने प्रशासन को सचेत किया कि यदि आज ही पीड़ित पक्ष को कब्जा नहीं दिलाया गया, तो इसे शासन के आदेशों की अवहेलना माना जाएगा। उनके इस सख्त रुख ने उन सभी साजिशकर्ताओं के हौसले पस्त कर दिए हैं जो इस मामले को तूल देकर राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में थे।
जनता में बढ़ी साख, विरोधियों के मंसूबे मिट्टी में
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विधायक पांडे ने खुद आगे बढ़कर सहमति पत्र देकर यह साबित कर दिया है कि उनकी रुचि जमीन में नहीं, बल्कि न्याय में है। इस कदम से न केवल उनकी छवि एक न्यायप्रिय जननेता के रूप में और मजबूत हुई है, बल्कि विरोधियों के पास अब बोलने के लिए कोई मुद्दा शेष नहीं रह गया है।प्रशासन ने विधायक के पत्र और मुख्यमंत्री को भेजी गई सूचना के बाद मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। शाहनूर अली 151045804

