यह जन्म तुझे अनमोल मिला जो चाहे इससे कमा बाबा कुछ दिन कमा, कुछ दुनिया कमा, कुछ हरि के हेतु लगा बाबा..
कासिमाबाद (गाजीपुर) जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा कासिमाबाद विकास खण्ड के विभिन्न ग्रामों में आध्यात्मिक चेतना का संदेश देती हुई आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में यात्रा के ग्राम सोनबरसा (जयगुरुदेव आश्रम के निकट) एवं ग्राम कटया लहंग पहुँचने पर श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। दोनों स्थानों पर आयोजित सत्संग सभाओं में संत पंकज जी महाराज ने मानव जीवन के महत्व, सदाचार और भक्ति मार्ग पर विस्तार से प्रकाश डाला। संत पंकज जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि यह मानव जन्म अत्यंत अनमोल है, जो बड़े भाग्य से प्राप्त होता है। इस जीवन का उद्देश्य केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं में लिप्त रहना नहीं, बल्कि जीवात्मा का कल्याण कर परमात्मा की प्राप्ति करना है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने मनुष्य शरीर इसलिए दिया है कि जीवन रहते ही किसी संत–महात्मा की शरण में जाकर प्रभु को पाया जा सके। महाराज जी ने संतवाणी के माध्यम से बताया कि सभी जीवात्माएँ सतनाम रूपी समुद्र की बूंद हैं और लक्ष्य यही है कि इस बूंद को उसी महासागर में मिलाया जाए। यदि मानव जीवन में यह अवसर चूक गया तो पुनः यह शरीर मिलना कठिन है। उन्होंने कहा कि संत महात्मा धराधाम पर आकर जीवात्माओं को उनके सच्चे देश का मार्ग बताते हैं और भवसागर से पार कराते हैं। संत पंकज जी महाराज ने आत्मा–परमात्मा के गूढ़ रहस्यों को समझाते हुए कहा कि प्रभु बाहर नहीं, बल्कि प्रत्येक प्राणी के भीतर विद्यमान हैं। जैसे कस्तूरी मृग अपनी नाभि में ही सुगंध होने पर उसे बाहर खोजता है, वैसे ही मनुष्य परमात्मा को बाहर ढूंढता फिरता है, जबकि वह भीतर ही है। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने मानव धर्म और मानव कर्म को अपनाने का संदेश दिया है। मानव धर्म का अर्थ है—इंसान, इंसान के काम आए। सत्य, दया, अहिंसा, परोपकार और निःस्वार्थ सेवा को जीवन में उतारना ही सच्चा धर्म है। महाराज जी ने समाज में बढ़ रहे नशा, मांसाहार, शराब और अनैतिक आचरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चरित्र ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। जब तक मनुष्य अपने आचरण को शुद्ध नहीं करेगा, तब तक वह सच्चा सुख नहीं पा सकता। आपसी लड़ाई–झगड़े, पारिवारिक कलह और सामाजिक तनाव का मूल कारण चरित्र पतन है। उन्होंने शाकाहार, नशामुक्ति और सदाचार अपनाने की अपील करते हुए कहा कि जब गांव–गांव में लोग शाकाहारी, सदाचारी और नशामुक्त बनेंगे तथा भगवान का भजन करेंगे, तब समाज में आपसी प्रेम बढ़ेगा और रामराज्य जैसे आदर्श समाज की स्थापना संभव होगी। साथ ही उन्होंने रासायनिक खाद व कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाली बीमारियों पर भी चिंता व्यक्त की। संत पंकज जी महाराज ने सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन को शुद्ध बनाएं, अपने दीन–ईमान पर कायम रहें और सच्चे मन से प्रभु का भजन करें, जिससे जीवात्मा का उद्धार हो सके। कार्यक्रम में शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर मनोज गुप्ता, मनोज यादव, मनबोध यादव, उदयनारायण पांडेय, रामलक्षण यादव, सुरेश गुप्ता, प्रभाचंद मास्टर, सिद्धनाथ यादव, केशव यादव, अक्षय लाल, डबलू यादव, जुगलू बरनवाल, प्रेम कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में सहयोगी संगत, संस्था के पदाधिकारी एवं प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सत्संग कार्यक्रम के उपरांत जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव ग्राम उचौरी एवं सोनबरसा, ब्लॉक कासिमाबाद के लिए प्रस्थान कर गई। आर्यन सिंह 151176333

