फास्ट न्यूज़ इंडिया उत्तराखंड उधम सिंह नगर, गदरपुर। पांच वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर एक हाथ गंवाने वाला युवक आज भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है। आर्थिक तंगी के कारण युवक को दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।
गदरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम रजपुरा नंबर दो निवासी 21 वर्षीय वासुदेव मंडल 75 प्रतिशत दिव्यांग हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिल सका है। एक हाथ न होने के कारण वासुदेव सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं। उनके माता-पिता मजदूरी कर परिवार काभरण-पोषण करते हैं। परिवार में चार भाई-बहन और माता-पिता हैं, जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट बना हुआहै। वासुदेव ने आर्थिक तंगी के चलते कक्षा दस के बाद पढ़ाई छोड़ दी, जबकि वह पढ़ाई में काफी होशियार थे। वासुदेव की मां ज्योत्सना देवी ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान से सरकारी सहायता दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई। लंबे समय तक परिवार छप्पर में रहा। मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह एक कच्चा कमरा बनवाया। आज तक बीपीएल कार्ड भी नहीं बन पाया। ग्राम प्रधान रेनू का कहना है कि पीड़ित परिवार द्वारा कई बार ब्लॉक कार्यालय में आवेदन किए गए, लेकिन परिवार रजिस्टर में नाम की त्रुटि के कारण पेंशन स्वीकृत नहीं हो पा रही है। भरोसा दिलाया कि उनके कार्यकाल में पेंशन अवश्य लगेगी।
"यह मामला मेरे संज्ञान उनका नाम दर्ज नहीं है। नाम संशोधन कराकर आवेदन किया जाए, जल्द ही पेंशन स्वीकृत कर दी जाएगी।" ललिता रानी, ब्लॉक समाज कल्याण अधिकारी
