वृन्दावन। मोतीझील स्थित श्रीराधा उपासना कुंज में ब्रज अकादमी के द्वारा चल रहे प्रख्यात संत श्रीपाद बाबा महाराज का 29 वां त्रिदिवसीय समाराधन महोत्सव अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।प्रातः संतों व भक्तों के द्वारा सुंदरकांड का संगीतमय सामूहिक पाठ किया गया।तत्पश्चात महंतों व महामंडलेश्वरों का सम्मान किया गया।इसके अलावा निर्धनों, निराश्रितों व वृद्ध महिलाओं को ऊनी वस्त्र व खाद्य सामग्री का वितरण किया गया।साथ ही विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक प्रतियोगिता व संत-ब्रजवासी-वैष्णव सेवा एवं वृहद भंडारा भी हुआ। इस अवसर पर आयोजित सन्त-विद्वत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए चतु:संप्रदाय के श्रीमहन्त फूलडोल बिहारीदास महाराज एवं गोरे दाऊजी आश्रम के महंत प्रह्लाद दास महाराज ने कहा कि ब्रज अकादमी के संस्थापक पूज्य श्रीपाद बाबा महाराज अत्यंत सहज व उदार संत थे।वे सभी का कल्याण चाहते थे।उन जैसे संतों से ही ब्रज मंडल की शोभा है। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भागवत प्रवक्ता आचार्य डॉ. रामविलास चतुर्वेदी एवं प्रख्यात साहित्यकार यूपी रत्न डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीपाद बाबा महाराज ब्रज संस्कृति के उन्नायक थे।उन्होंने अपने समूचे जीवन में लोक कल्याण के अनेकों सेवा प्रकल्प संचालित किए। जिनका निर्वाह बाबा महाराज की प्रमुख शिष्या साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया के द्वारा पूर्ण निष्ठा व समर्पण भाव से किया जा रहा है। श्रीराधा उपासना कुंज के श्रीमहन्त संतदास महाराज एवं ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव पूज्य श्रीपाद बाबा महाराज नर सेवा को ही नारायण सेवा मानने थे।पूज्य बाबा महाराज गौ, संत, निर्धन, निराश्रित एवं वृद्धों की सेवा में सदैव तत्पर रहते थे। सन्त-विद्वत सम्मेलन में श्रीराम मंदिर के महंत आचार्य रामदेव चतुर्वेदी, श्रीमद्भागवत के प्रकांड विद्वान आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, संत प्रवर रामदास महाराज, बेरिया वन सरकार रामचंद्र दास महाराज (मौनी बाबा), डॉ. राधाकांत शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने किया। ब्रज अकादमी की सचिव साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया ने सभी आगंतुक अतिथियों आभार व्यक्त कर उनका स्वागत-सम्मान किया। महोत्सव में इस अवसर पर महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद शास्त्री, महंत सुन्दर दास महाराज, महंत जयराम दास महाराज, संत सेवानंद ब्रह्मचारी, श्रीमती पिंकी माथुर, मीरा अरोड़ा, डॉ. राखी सक्सैना (मुम्बई), अश्वनी माथुर, जीतू पाण्डेय, विमला देवड़ा, श्रीमती ममता खट्टर, प्रोफेसर अनिल सारस्वत, भानू प्रताप सारस्वत, श्रीमती वेणु सरीन, जगनमोहन त्रेहन, रमेश कोचड़, ब्रजमोहन हांडा, श्रीमती सुंदरी देवी, श्रीमती गीता, श्रीमती सीमा त्रिपाठी, अनुपमा माथुर, भक्ति रीता, भक्ति मती गोपी, श्रीमती मेघना, डॉ. रश्मि अष्ट, सन्नी कटारिया, भक्तिमती शशिबाला, नीलेश कुशवाहा, राजकुमार लोदी आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।रात्रि को प्रख्यात रासाचार्य स्वामी भुवनेश्वर वशिष्ठ के निर्देशन में रासलीला का अत्यंत नयनाभिराम व चित्ताकर्षक मंचन हुआ। नन्द किशोर शर्मा 151170853
