EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

ढूँढता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता नई ज़मीं नया आसमाँ
  • 151143206 - RAKESH 0 0
    31 Jul 2021 23:51 PM



मैं ढूँढता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता | कैफ़ी आज़मी

मैं ढूँढता हूँ जिसे वो जहाँ नहीं मिलता
नई ज़मीं नया आसमाँ नहीं मिलता

नई ज़मीं नया आसमाँ मिल भी जाये
नए बशर का कहीं कुछ निशाँ नहीं मिलता

वो तेग़ मिल गई जिससे हुआ है क़त्ल मेरा
किसी के हाथ का उस पर निशाँ नहीं मिलता

वो मेरा गाँव है वो मेरे गाँव के चूल्हे
कि जिनमें शोले तो शोले धुआँ नहीं मिलता

जो इक ख़ुदा नहीं मिलता तो इतना मातम क्यूँ
यहाँ तो कोई मेरा हमज़बाँ नहीं मिलता

खड़ा हूँ कब से मैं चेहरों के एक जंगल में
तुम्हारे चेहरे-सा कुछ भी यहाँ नहीं मिलता



Subscriber

188503

No. of Visitors

FastMail

VARANASI - रुद्राक्ष और मेवों से बना सेहरा पहन निकलेंगे बाबा विश्वनाथ, दूल्हे के रूप में सजेंगे     VARANASI - बाबतपुर एयरपोर्ट टनल की खुदाई के दौरान गिरा दो मंजिला मकान, बाल-बाल बचे लोग     VARANASI - नमो और आदि केशव के बीच बनेगा नया मॉडल घाट, क्यूआर कोड से खुलेगा काशी का प्राचीन इतिहास     VARANASI - एक दिन में 212 शादियां, 20 मिनट का सफर एक घंटे में हुआ पूरा     VARANASI - दालमंडी ध्वस्तीकरण की 15 तस्वीरें, कड़ी सुरक्षा के बीच बुलडोजर से ध्वस्त किए गए 14 नए भवन