EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

शगुफ्तगी का लताफ़त का शाहकार हो तुम, फ़क़त बहार नहीं
  • 151143206 - RAKESH 0 0
    31 Jul 2021 23:29 PM



तुम | कैफ़ी आज़मी

शगुफ्तगी का लताफ़त का शाहकार हो तुम,
फ़क़त बहार नहीं हासिल-ऐ-बहार हो तुम,
जो इक फूल में है क़ैद वो गुलिस्तान हो,
जो इक कली में है पिन्हाँ वो लाला-ज़ार हो तुम.

हलावतों की तमन्ना मलाहतों की मुराद,
ग़रूर कलियों का कलियों का इंकिसार हो तुम,
जिसे तरंग में फ़ितरत ने गुनगुनाया है,
वो भैरवी हो, वो दीपक हो, वो मल्हार हो तुम.

तुम्हारे जिस्म में ख्वाबीदा हैं हज़ारों राग,
निगाह छेड़ती है जिसको वो सितार हो तुम,
जिसे उठा न सकी जुस्तजू वो मोती हो,
जिसे न गूँथ सकी आरज़ू वो हार हो तुम.

जिसे न बूझ सका इश्क़ वो पहेली हो,
जिसे समझ न सका प्यार वो प्यार हो तुम
खुदा करे किसी दामन में जज़्ब हो न सके
ये मेरे अश्क-ऐ-हसीं जिन से आशकार हो तुम.



Subscriber

188704

No. of Visitors

FastMail

वाराणसी - दिल्ली में खराब मौसम का असर, सुरक्षा कारणों से दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट     वाराणसी - पांच हजार करोड़ से काशी बनेगा सिटी इकोनॉमिक रीजन, कैंट से बाबतपुर तक होगा रोपवे का विस्तार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ धाम से मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को भेजा गया उपहार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ मंदिर की पहली गंगा आरती छह बजे होगी शुरू, 45 मिनट चलेगी; ललिता घाट पर निहारेंगे लोग     चंदौली - गुब्बारे में हवा भरने वाले गैस सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट, दो घायल     चंदौली - निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना